ग़ज़्ज़ा में 1 साल से भी अधिक समय से जनसंहार कर रहे अवैध राष्ट्र ने लेबनान के विरुद्ध बड़े बड़े दावे करने के बाद ज़मीनी अभियान शुरू करने के 2 महीने के अंदर अंदर ही सीज़फायर का ऐलान कर दिया।
30 सितंबर से ज़ायोनी सेना ने लेबनान में जमीनी हमले की शुरुआत की थी और करीब 2 महीने बाद संघर्ष विराम समझौता कर लिया गया है। तमाम वैश्विक दबाव के बावजूद ग़ज़्ज़ा में सीजफायर से इनकार करने वाले नेतन्याहू को हिज़्बुल्लाह के मुँहत्तोड पलटवार के कारण इस डील के लिए मजबूर होना पड़ा।ज़ायोनी प्रधानमंत्री ने मंगलवार की देर रात युद्धविराम समझौते का ऐलान किया, जबकि उनकी खुद की वॉर कैबिनेट के मंत्री बेन ग्वीर समेत कई साथी इस युद्धविराम के पक्ष में नहीं थे।